What is a pressure in hindi | दाब क्या है, दाब के प्रकार

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दोस्तों आज हम जानेंगे भौतिक (Physics) से जुड़े एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय (Topic) को जिसे जानना आपके लिए बहुत ही ज़रूरी है यह भौतिक का और हमारे संसार का एक बहुत ही अमूल्य और महत्वपूर्ण हिस्सा है इसे हम दाब (pressure) के नाम से जानते है और आज हम जानेंगे दाब क्या है (what is a pressure) और दाब के प्रकार (type of pressure).

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दाब (pressure)

किसी सतह के एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते है। जिस वस्तु का क्षेत्रफल जीतन कम होता है, वह किसी सतह पर उतना ही दाब डालता है। ईकाई -न्यूटन प्रति वर्ग मीटर, जिसे अब पास्कल कहते है। आसान शब्दों में अगर कहे की दाब क्या है तो उदाहरण के और पर अगर आप एक फुटबाल लेते हो और आप उसपर जितना अधिक बल लगा कर उसे दबाते हो तो उसपर दाब पड़ रहा होता है या फिर आप एक गुब्बारे में हवा डालकर उसे अगर दबाते है तो उसपर भी उस समय दाब काम कर रहा होता है।

मुख्यतः हम दाब के दो प्रकार को जानते है – वायुमंडलीय दाब और द्रव का दाब



वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure)

पृथ्वी के चारो ओर उपस्थित वायु एवं विभिन्न गैसों के आवरण को वायुमंडल कहा जाता है। अतः वायुमंडल में उपस्थित वायु भी दाब डालती है जिसे वायुमंदालीय दाब कहा जाता है, सामान्यतः वायुमंडलीय दाब वह दाब होता है जो पारे के 76 सेंटीमीटर वाले एक कॉलम द्वारा 0डिग्री सेल्सियस पर 45डिग्री के अक्षांश पर समुद्र तल पर लगाया जाता है।

यह एक वर्ग सेंटीमीटर अनुप्रस्थ काट वाले पारे के 76 सेंटीमीटर लम्बे कॉलम के भार के बराबर होता है, “वायुमंडलीय दाब 10⁵ न्यूटन/मीटर² के बराबर होता है” ऊँचाई पर जाने में दाब कम होता जाता है।

उदहारण – वायुयान में बैठे यात्री के फाउंटेन पेन से स्याही का रिसना तथा व्यक्ति की नाक से खून का निकलना, साँस लेने में कठिनाई होना इत्यादि है।

वायुमंडलीय दाब को बैरोमीटर से मापा जाताहै, बैरोमीटर का पाठयांक जब एकाएक निचे गिरता है तो आंधी आने की संभावना होती है, बैरोमीटर का पाठयांक जब धीरे-धीरे निचे गिरता है तो वर्षा होने की संभावना होती है, बैरोमीटर का पाठयांक जब धीरे-धीरे ऊपर चढ़ता है तो दिन साफ़ रहने की संभावना होती है। वायु दाब के कारण जल 100°C से कम ताप पर उबलने लगता है।

पास्कल का नियम संतुलन में द्रव का दबाव चारो तरफ बराबर होता है । उपयोग – हाइड्रोलिक लिफ्ट , हाइड्रोलिक प्रेस, हाइड्रोलिक ब्रेक तथा हाइड्रोलिक कुर्सी इत्यादि।



द्रव का दाब (Fluid Pressure)

द्रव के अन्दर उपस्थित वस्तुएँ भी द्रव के भार के कारण दाब का अनुभव करती है, गहराई बढ़ने पर द्रव का दाब बढ़ता जाता है तथा सामान गहराई पर द्रव का दाब द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है, यदि कोई वस्तु द्रव द्रव की सतह से h गहराई पर स्थित है तो उस पर दाब P=hdg (जहाँ d द्रव का घनत्व और g गुरुत्वीय त्वरण है)।

गलनांक एवं क्वथनांक पर दाब का प्रभाव

गलनांक (Melting point) पर प्रभाव – पदार्थ के गलनांक पर दाब का प्रभाव पड़ता है एवं दाब बढ़ने पर यह कम या ज्यादा हो सकता है। वे पदार्थ जो पिघलने पर प्रसारित होते है, उन पर दाब बढ़ाने से उनका गलनांक बढ़ जाता है, जैसे – मोम, घी आदि। दूसरी ओर वे पदार्थ जो पिघलने पर संकुचित होते है, उन पर दाब बढ़ाने से उनका गलनांक कम हो जाता है , जैसे – बर्फ आदि।

क्वथनांक (Boiling Point) पर प्रभाव – सभी द्रव का क्वथनांक दाब बढ़ाने पर बढ़ता है, प्रेशर कूकर के अंदर दाब बढ़ाकर पानी का क्वथनांक बढ़ा देते है, जिससे अधिक ऊष्मा की मात्रा ग्रहण होती है एवं खाना जल्दी पक जाता है, नमक मिले पानी का क्वथनांक कम होने के कारण भोजन जल्दी पक जाता है।



उम्मीद करता हु की यह पोस्ट आपके काम आया होगा या आएगा और आपको इसे पढ़कर जानकारी पाकर अच्छा लगा होगा इसमें बहुत ही आसान शब्दों में दाब (pressure) को समझाने का कोशिश किया गया है उम्मीद करता हु आपको अच्छा लगा होगा और समझ आया होगा।

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