Arabian Civilization history & fact in hindi|अरब की सभ्यता

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आज हम जानेंगे विश्व के प्राचीन सभ्यताओ में से एक अरब की सभ्यता (Arabian Civilization) के बारे में हम सब के मन में यह जानने का उत्सुकता रहता है की हमारे देश के अलावा दुसरे देश का सभ्यता का किस प्रकार से आरम्भ हुआ होगा कैसा रहा होगा इतिहास कैसा होगा तो आज हम आपको बताने वाले है अरब की सभ्यता और इस सभ्यता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारिया।

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अरब की सभ्यता

सातवी शताब्दी में एक नए धर्म इस्लाम ने अरब में जन्म लिया इसे हम अरब की सभ्यता (Arabian Civilization) का सबसे बड़ा घटना के रूप में देखते है इस्लाम धर्म का जन्म सऊदी अरब के मक्का शहर में हुआ था, यहाँ के निवासियों को अरब या अरबी कहते है और इनका संबंध सामी वंश से माना जाता है साथ ही इस वंश से जुड़े सभी जातियाँ जैसे – अमूरी, कनाकी, फिनीकी, यहूदी, किल्दानी, बेबीलोनियन (बाबुली), असुरी (असिनियन) है।

इस्लाम ने थोड़े ही समय में न केवल प्रतिद्वंदी कबीलों के बिच एकता कायम की बल्कि उसके परिणाम स्वरुप एक बड़े साम्राज्य की स्थापना हुई और एक नई सभ्यता का उदय हुआ जो अपने समय से बहुत उत्कृष्ट सभ्यता थी । मुहम्मद ने वहां इस्लाम की स्थापना की, और यह मक्का और मदीना के दो पवित्र तीर्थ शहरों का स्थान है। इस्लामी कैलेंडर 622 में शुरू होता है, हेगिरा का वर्ष, या मक्का से मुहम्मद की उड़ान। आक्रमणकारियों के एक उत्तराधिकार ने प्रायद्वीप को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन 1517 तक ओटोमन साम्राज्य हावी हो गया, और 18 वीं शताब्दी के मध्य में, इसे अलग-अलग रियासतों में विभाजित किया गया।



अरब (अरबो) की देन

शिक्षा – पैगंबर के एक निर्देश के अनुसार “प्रत्येक मुसलमान का यह कर्तव्य है की वह ज्ञान की खोज करे” अरबो ने समस्त ज्ञान को अपना लिया और उसे विकसित करने लगे और विकसित किया गया एक बहुत ही महत्वपूर्ण पंक्ति है पैगंबर की तरफ से जिसे अरब के हर लोगो को इसका अनुसरण करना था जो वह के लोगो के लिए काफी महत्वपूर्ण था।

चिकित्सा – अरबो ने अनेक महान चिकित्सक पैदा किये जो अरब देश और इस अरब की सभ्यता (Arabian Civilization) के लिए काफी महत्वपूर्ण हुए जो उस काल में बहुत ही अच्छा साबित हुआ और एक बहुत ही अच्छा खोज था, अल-राजी नामक अरब वैज्ञानिक ने चेचक का उचित और ठीक-ठाक निदान किया अल-राजी को यूरोप में रहैजेस (Rhazes) के नाम से जाना जाता है।

इब्न-सिना जो मध्यकालीन यूरोप में एविसेन्ना (Avicenna) के नाम से मशहूर था, इन्होने पता लगाया की तपेदिक छूत का रोग है, इब्न-सिना ने तंत्रिका-तंत्र सम्बन्धी अनेक रोगों का वर्णन किया अरबो ने प्लेग, आँख के रोगों, छूत की बीमारियों के फ़ैलने आदि के विषय में जानकारी प्राप्त करने और अस्पतालों से संगठन में बड़ी प्रगति की।



अंक एवं गणित – गणित के क्षेत्र में अरबो ने भारतीय अंक प्रणाली सीखी और उसे दूर-दूर तक फैलाया जो अरबो और भारतीयों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा साथ में विश्व के अन्य देशो को भी भारतीय अंक प्रणाली के बारे में पता चल पाया, इसी कारण ये अंक अब भी पश्चिमी देशो में ‘अरबी अंक’ कहलाता है।

अरबो ने बीजगणित, त्रिकोणमिति, और रसायन शाश्त्र का भी विकाश किया जो भारत के गणित प्रणाली के वजह से संभव हो पाया उम्र खय्याम ने एक पंचांग बनाया जो ईसाईयों के उस पंचांग से अधिक शुद्ध है जो आजकल संसार के अनेक देशो में उपयोग किया जाता है अरब ज्योतिषियों का अनुमान था की पृथ्वी संभवतः अपनी धुरी पर घुमती है और सूर्य के चारो ओर चक्कर लगाती है। अरब निवासियों ने रसायन शास्त्र में अनेक प्रयोग किये इनसे अनेक नए मिश्रणों का, जैसे – सोडियम कर्बोनेट, सिल्वर नाइट्रेट, और शोरे तथा गंधक के तेजाबो का पता किया।

दर्शन और जीवन – दर्शनशास्त्र में भी अरबो की उपलब्धिया बहुत ही महत्वपुर्ण थी जो अपने आप में अरब की सभ्यता (Arabian Civilization) का एक अमूल्य हिस्सा है यूनान का ज्ञान और भौद्धिक परम्पराए सीरिया और फारस के जरिये अरबो को मिली इब्न-सिना को यूरोप में एक दार्शनिक के रूप में जाना जाता था।

अबू अल-वलीद मुहम्मद इब्न-रुशत, जिन्हें यूरोपवासी एवरोंज के नाम से जानते थे, मध्यकालीन इस्लामी साहित्य को मुख्य प्रेरणा ईरान (फारस) से मिली इस काल की कुछ प्रसिद्ध रचनाये है- उम्र खय्याम की ‘रुबाइयां’, फिरदौसी का ‘शाहनामा’ और एक हजार एक कहानियो का संग्रह “अलिफलैला” जिसकी कहानियो से तत्कालीन संस्कृति और समाज के विषय में काफी जानकारी मिलती है।



अरबी कला – अरबी कला पर बाईजेंटाइन और ईरान की कला का प्रभाव पड़ा, किन्तु अरब निवासियों ने अलंकरण के मौलिक नमूने निकल लिए उनके भवनों पर बल्बों जैसे की गुम्बद, छोटी मीनारे, घोड़ो के खुरो के आकार का मेहराब और मरोड़दार स्तंभ होते थे।

अरब वास्तुकला की विशेषताए तत्कालिन् मस्जिदों, पुस्तकालयों, महलों, चिकित्सालयों और विद्यालयों में देखी जा सकती है, अरबो ने लिखने की एक अलंकृत शैली का भी अविष्कार किया जिसे खुशखती कहते है, इससे उन्होंने पुस्तक सजाने के कार्य को भी कला के रूप में विकसित किया।

अरब की सभ्यता (Arabian Civilization) अपने आप में ही महान है और साथ ही पुरे विश्व के लिए यह सभ्यता बहुत ही महत्वपूर्ण रहा अरब की सभ्यता का इतिहास अपने आप में ही काफी शानदार रहा है और अनोखा भी इस सभ्यता से काफी महत्वपूर्ण चीज़े विश्व को मिल पायी और सबसे बड़ी बात आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म इस्लाम का जन्म भी यही हुआ यह इस्लाम के मानने वाले लोगो के लिए काफी महत्वपूर्ण और पवित्र स्थान है।

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