हिमनदी द्वारा उत्पन्न स्थलाकृतियाँ |Glacial landform in hindi

0
14

हिमनदी द्वारा उत्पन्न स्थलाकृतियाँ|Glacial landform in hindi”

आज हम जानेंगे हिमनदी (Glacial landform) द्वारा बनाये गए स्थलाकृतियाँ के बारे में यह बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है साथ ही हमारे पर्यावरण से जुड़ा हुआ प्रमुख चीज़ है।

हिमनदियो द्वारा उत्पन्न स्थलाकृतियाँ

source – google.com

ड्रमलिन – ये भूमि हिमोढ द्वारा निर्मित गोल टाइल वाली पहाड़िया होती है, जिनकी आकृति उल्टी नाव के सामान होती है।

केम – हिम अग्र के समक्ष जमा अति प्रवण जलोढ़ शंकु को केम कहा जाता है।

फियोर्ड – ये सागर में डूबी हुई हिमनदिय आकृति (Glacial landform) है, जो लम्बे ढालू पाशव्रिय तटीय प्रवेश मार्ग होते है, जो सागर के निकट के पर्वतीय क्षेत्र में पूर्व में विद्यमान नदी प्रणाली में तीव्र हिमनाद के कारण विकसित होते है।



U आकर की घाटी – हिमनदी (Glacial landform)अपने प्रवाह मार्ग में किसी नदी निर्मित घाटी में अपघर्षण द्वारा उसे U आकार की घाटी में परिवर्तित कर देती है।

लटकती घाटी – हिमनदी की सहायक घाटी को लटकती घाटी कहा जाता है।

सर्क – यह ढालू शीर्ष और ढालू पार्श्व दीवारों आले एक आरामकुर्सी के आकार के अवनमन के चारो ओर घिरे हिमनदिय अपरदित शैल के सामान होता है।

श्रृंग – हिमानी क्षेत्र में हिमनद (Glacial landform)के अपरदन के साथ विकसित होने वाली पिरामिडनुमा चोटी को श्रृंग कहते है।



अरेट – किसी पहाड़ी के दोनों ओर सर्क के विकास क्रम में बनने वाले दांतेदार आरी के सामान स्थलरुप को अरेट कहते है।

कोल – यह एक पर्वतीय दर्रा है जो एक घाटी को दुसरे घाटी से मिलाता है।

नूनाटक – हिम क्षेत्र में हिम के उपर निकली हुई चोटियों को नूनाटक कहा जाता है।

एस्कर – हिमानी क्षेत्र में बर्फो के जमने से भेड़नुमा स्थलरुप को एस्कर कहा जाता है।



अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया और ज्ञानपूर्ण लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कीजिये

For gk Quiz…click here

रोजाना ऐसे ही ज्ञानपूर्ण पोस्ट पढने के लिए हमारे वेबसाइट को सब्सक्राइब ज़रूर करले जो की बिलकुल फ्री है और साथ ही रोज हम यहाँ general knowledge से जुड़ा हुआ क्विज game लाते है जिसे आप खेलकर अपना जीके बाधा सकते है जो आपको बहुत जगहों में सहायक होगा औए बेल आइकॉन को दबाकर वेब नोटीफिकेशन चालू कर दीजिये हमारे नए पोस्ट की जानकारी आपको सबसे पहले मिल जाया करेंगी.. धन्यवाद..।

www.gyanyukt.com

Leave a Reply