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समय का सही उपयोग करना सीखे|Time manegement problem

आजकल समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है..? कभी सोचा है..

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क्या आपने कभी सोचा है की आजकल हमें समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है..? समय पर काम न करने या ना होने पर हम झल्ला और गुस्सा हो जाते है चिढ जाते है, तनाव में आ जाते है बेचैनी महसूस करते है। समय की कमी के चलते हम लगभग हर पल जल्दबाजी और हड़बड़ी में रहते है।

इस चक्कर में हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, मानसिक स्थिति ख़राब सा लगता है जिसके वजह से हमारे शरीर में इसका बुरा प्रभाव पढता है, इसके वजह से कभी कभी लोगो के साथ घटनाये भी हो जाती है, आजकल हर लोगो में खासकर आज कल के युवाओ में साथ ही खुद के जीवन में समय की कमी एक अप्रिय और अनिवार्य हिस्सा बन चूका है।




क्या आपने कभी यह बात सोची है..? हमारे पूर्वजो को कभी टाइम मैनेजमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ी तो फिर हमें क्यों पद रही है…? क्या हमारे पूर्वजो को दिन में 48 घंटे मिलते थे और हमें सिर्फ 24 घंटे मिल रहा है सोचो सोचो..? हम सभी जानते है की ऐसा नहीं है।

दुनिया बहुत तेजी से बदल रहा है, अब बड़े छोटो को नहीं हराएंगे अब तो तेज धीमो को हराएंगे।

रुपर्ट मरडाक

हर पीढ़ी को दिन में सिर्फ 24 घंटे का ही समय मिलता है, लेकिन बीसवी सदी के शुरुआत से हमारे जीवन में समय कम पड़ने लगा है और यह समस्या दिनोदिन बढ़ते ही जा रहा है, बड़ी अजीब बात है, क्योकि 20सदी की शुरुआत से ही मनुष्य समय बचाने वाले नए नए उपकरण बनाता जा रहा है।

आधुनिकता क्या समस्या है..?

बीसवी सदी से पहले कार नहीं था बाइक नहीं था स्कूटर नहीं था लेकिन हमारे पूर्वजो को कही पहुचने का जल्दी भी नहीं था, पहले मिक्सर, फ़ूड प्रोसेसर, या माइक्रोवेव नहीं था लेकिन लोग उस समय सिल पर मसाला पिसने या चूल्हे पर खाना पकाने में किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाते थे, पहले बिजली नहीं था लेकिन रात भर जागकर काम करने का ज़रूरत भी नहीं था।




वास्तव में जीवन तब ज्यादा सरल था क्योकि उस समय इंसान की ज़िन्दगी घड़ी के हिसाब से नहीं चलता था, औद्योगिक युग के बाद फैक्ट्री, ऑफिस और नौकरी का दौर जो शुरू हुआ, उसने मनुष्य को घड़ी का गुलाम बना कर रख दिया है।

पहले जीवन सरल था और अब जटिल हो चूका है यही हमारी समस्या का मुख्य कारण है, पहले जीवन की रफ़्तार धीमी थी लेकिन अभी तेज हो चूका है और आने वाले समय में और तेज होने वाला है अर्थात लोग और ज्यादा व्यस्त होने वाले है, अब हमारे जीवन में इन्टरनेट आ चूका है जो हमें पलक झपकते ही दुनिया से जोड़ देता है, अभी हमारे जीवन में टीवी आ चूका है जिसका बटन दबाते ही हम दुनिया भर की खबरे जान लेते है मनोरंजन कर लेते है अब सोचो कितना आसान लगता है दुनिया से जुड़ना।

आधुनिक औद्योगिक युग की सबसे प्रमुख मशीन भाप इंजन नहीं बल्कि घड़ी है।

लुईस ममफोर्ड

हमारे पास आज हवाई जहाज है पानी जहाज है कार है बस है रेलगाड़ी सब है हमारे पास जिससे हम तेजी से कही भी पहुच सकते है। आज हमारे पास मोबाइल फ़ोन है जिससे हम दुनिया में कभी भी किसी भी व्यक्ति के साथ बात कर सकते है और उसे देख भी सकते है, आज के आधुनिक अविष्कारों ने हमारे जीवन की गति को बढ़ा दिया है, मै यह नहीं बोल रहा हु की यह बेकार है यह सब बहुत अच्छा है लेकिन हर चीज़ का एक हद एक लिमिट होना चाहिए उपयोग करने का in अविष्कारों के बदौलत हम सब से दुनिया से जुड़ तो गए है लेकिन खुद से और खुद के लोगो से दूर होते जा रहे है।




क्या करे, क्या सोचे, गंभीर हो आप अपने गोल्डन टाइम को लेकर..?

यदि आप अपने समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग को लेकर गंभीर है तो इसका सबसे सीधा समाधान यह है यदि आप किसी तरह से आधुनिक आविष्कारो के लत नशे से काबू में आ गए और इनका उपयोग सिमित दायरे तक करे सिमित समय तक करे तो बहुत बढ़िया होगा क्योकि किसी चीज़ का अधिकता हमेशा नुकसान देह होता है, अगर आप इन चीजों में अपने आप को काबू में कर लेते है तो आपको आपके जीवन शैली शुधारने में काफी सहायता मिलेगा।

और चाहो तो सबसे बढ़िया साधन हो सकता है पुराने ज़माने की जीवन शैली अपनाना, लेकिन नहीं मई आपको यह नहीं बोल रहा हु की आप चूल्हे पर खाना पकाए या सफ़र पैदल करे, मै तो सिर्फ यह कहना चाहता हु की मोबाइल, टीवी, इन्टरनेट, सोशल मीडिया, इन सब में अपना गोल्डन समय बर्बाद करने से अच्छा आप अपना महत्वपूर्ण काम करे इन सब का भी इस्तेमाल करो पर सिमित समय तक इसको अपने ऊपर हावी होने मत दो।




कुछ प्रमुख परेशानिया या बाते

पहले हमारे जीवन पर घड़ी हावी नहीं हुआ था और इसका सीधा कारण यह था की ज्यादातर लोगो के पास घड़ी हुआ ही नहीं करता था, पहले अलार्म लगाने का कोई ज़रूरत ही नहीं पड़ता था, लोग खुद ही उठ जाया करते थे या मुर्गे का बाग ही काफी था।

तब सुबह 7 बजे की लोकल ट्रेन पकड़ने का कोई तनाव नहीं रहता था तब कोई काम सुबह 8 बजे हो या 10 बजे कोई खास फर्क नहीं पड़ता था लेकिन आज पड़ता है। आज लोगों को डाइबिटिज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, ह्रदय रोग, मानसिक तनाव डिप्रेशन आदि समस्या अर्थात आधुनिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है यह सब आधुनिक जीवन शैली का प्रभाव है।

यदि आप इन समस्याओ से बचना चाहते हो तो आपको अपना जीवन शैली शुधारना होगा यदि आप अपनी जीवन शैली और सोच को बदल लेंगे तो आपके समय का महत्त्व भी बदल जायेगा।

स्रोत – डॉ. सुधीर दीक्षित

दुनिया नहीं बदलेगी बदलना तो आपको ही है।

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अगर आपने यहाँ तक पढ़ लिया है तो आपका दिल से धन्यावाद, आपने अपना अनमोल टाइम इसे पढने में दिया और आप टाइम मैनेजमेंट से हुदा ऐसा ही इसका दूसरा पार्ट चाहते है तो कमेंट कर ज़रूर बताए।

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