भारत का वृहत मैदान और प्रायद्वीपीय भूमि |भारत का भौतिक स्वरूप

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भारत क्षेत्रफल के हिसाब से काफी बड़ा देश है यह विश्व का सातवा सबसे बड़ा देश है भारत का भूगोल भी काफी अनोखा है यहाँ बड़े-बड़े पहाड़ो से लेकर बड़े पठार और मैदान है, तो आज हम जानेंगे भारत का वृहत मैदान और प्रायद्वीपीय भूमि(india’s Great Plains and Peninsular Lands) के बारे में।

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बड़े मैदान (वृहत मैदान)

सिन्धु – गंगा का मैदान जिसे वृहत मैदान के नाम से भी जाना जाता है सिन्धु और गंगा – ब्रह्मपुत्र नदी का सबसे बड़ा मैदान है। यह हिमालय पर्वत के सामानांतर जम्मू-कश्मीर से लेकर असम तक फैला हुआ है, साथ ही यह 7 लाख वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला हुआ है इस वृहत मैदान क्षेत्र का मुख्य नदी गंगा और सिन्धु साथ ही इसके सहायक नदिया व्यास, यमुना, गोमती, रावी, चिनाब, सतलज और चम्बल है।

वृहत मैदान को चार भागो में बांटा जाता है– भाबर क्षेत्र, तराई क्षेत्र, बांगर क्षेत्र और खादर क्षेत्र।

भाबर हिमालय से लगा हुआ निचला भूभाग है यह अपेक्षाकृत बड़े चट्टानों से निर्मित है इसकी सरंध्रता इतनी अधिक है की पूरी नदी इसमें लुप्त हो जाती है, यह मैदान अत्यंत संकरी पट्टी में फैला हुआ है, जिसकी चौड़ाई 7 से 15km है।



तराई नवीन जलोढ़ मैदान है यह अत्यंत ही नम और घने जंगलो वाला क्षेत्र है इस क्षेत्र में वर्षा भी अधिक मात्रा में होता है साथ ही यह अनेक प्रकार के जीव-जन्तुओ (वन्य जीवो) का आवास स्थल है।

बांगर नदी की बाढ़ सीमा से ऊपर पुरानी जलोढक से निर्मित उच्च भूमि है, नविन कांप द्वारा निर्मित नदियों के बाढ़ मैदान को खादर कहा जाता है, प्रतिवर्ष बाढ़ों के दौरान रेत की नयी परत जमा होने से इसकी उर्वरता बनी रहती है गंगा-सिन्धु का मैदान समतल भू-भाग में फैला हुआ है।

इस क्षेत्र में नहरों से सिंचाई होती है साथ ही इस क्षेत्र में जल स्तर काफी ऊँचा है, ये मैदान दुनिया के सबसे सघन खेती वाले उपजाऊ क्षेत्र है चावल और गेहू इस क्षेत्र की मुख्य फसल है साथ ही यह सघन आबादी वाला क्षेत्र भी है ।

यह भारत के वृहत मैदान और प्रायद्वीपीय उच्च भूमि(india’s Great Plains and Peninsular Lands) का मैदानी हिस्सा है जो प्राकृतिक रूप से अपने आप में ही बहुत अनोखा है

प्रायद्वीपीय उच्च भूमि

प्रायद्वीपीय उच्च भूमि तीन पठारों के मिलने से बना है ये तीन पठार है– पश्चिम में मालवा पठार, दक्षिण में दक्कन का पठार एवं पूर्व में छोटा नागपुर का पठार।

मालवा का पठार राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में फैला हुआ है इसकी औसत ऊँचाई 500m. है एवं इसका ढलान उत्तर की ओर है चम्बल इस क्षेत्र की प्रमुख नदी है।



दक्कन का पठार एक लम्बा त्रिभुजाकार भूभाग है यह उत्तर में विंध्य श्रेणी से घिरा हुआ है यह एक चौरस क्षेत्र है और इसकी औसत ऊँचाई 300-600m. है, पश्चिम से पूर्व इसका ढलान सामान्य है प्रायद्वीप क्षेत्र की नदिया गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और नर्मदा इसी से निकलती है।

छोटा नागपुर का पठार पूर्वोत्तर भारत में स्थित है, इसका अधिकाँश भाग झारखण्ड में फैला हुआ है शेष भाग का विस्तार ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ में है इस कुल क्षेत्रफल 65000 वर्ग km है रांची का पठार इसी का भाग है जो वनाच्छादित है छोटा नागपुर का पठार कई धातु अयस्को और कोयले का भंडार है इसीलिए झारखण्ड और छत्तीसगढ़ को देश में खनिज संपन्न राज्य कहा जाता है।

यह भारत के वृहत मैदान और प्रायद्वीपीय उच्च भूमि(india’s Great Plains and Peninsular Lands) का प्रायद्वीपीय हिस्सा है यह 3 राज्यों में फैला हुआ है।

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